2023 खरपतवार को भूल जाएंगे ये दवाइयां, जानें उनका नाम | खरपतवार नाशक दवाइयों के नाम list
जय किसान भाइयो खेती में ज्यादा आमदनी है तो फसल की अच्छे से देख रेख करना पड़ता उसे प्रकार फसलो खरपतवार प्रबंधन का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी होता है। कई बार जब हमें सामान्य से ज्यादा गोबर खादों के डालने की जरूरत होती है और बारिश भी अधिक हो जाती है, तो हमारी फसलों में खरपतवार जेसे घास को कंट्रोल करने में परेशानी हो सकती है। इस समस्या का समाधान, कुछ जागरूक किसानों को खरपतवार नाशक दवा का उपयोग करते है। और खरपतवार नाशक दवाइयों के नाम के बार में जानकारी भी रहना चहिये इस लेख हम खरपतवार नाशक दवाइयों के नाम list की जानकारी साझा करेगे
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| खरपतवार नाशक दवाइयों के नाम list |
अगर हम बिना खरपतवार को रोके फसल की देखभाल नहीं करते हैं, तो यह हमारी फसल की उत्पादन को प्रभावित कर सकता है और ऐसा होने से अनेक घातक कीटों और रोगों का हमारे फसल को नुकसान हो सकता है, जो हमारी फसल के उत्पादन को कम कर देते हैं।"
खरपतवार नाशक दवा क्या होता है?
फसलों में कीटों और खरपतवार को नियंत्रित करने के लिए उपयोग में लाये जाने वाले रसायनों दवाई को कीटनाशक कहा जाता है। कीटों और घास को पूरी तरह कम करने व नष्ट करने के लिए अलग-अलग फसलों में अलग-अलग कीटनाशकों का उपयोग किया जाता है। कीटों को प्रभावी ढंग से नष्ट करने के लिए कीटनाशकों का प्रयोग सही समय पर और उचित मात्रा में किया जाना चाहिए। हम इस लेख में फसल और सीजनवार खरपतवार नाशक दवाइयों के नाम के बारे में जानकारी साझा करेगेखरपतवार नाशक दवाइयों के नाम list | खरपतवार नाशक दवाइयों के नाम
| खरपतवार नाशक दवाइयों के नाम | किस प्रकार के खरपतवार के लिए | छिड़काव कैसे करें |
|---|---|---|
| ओक्साडायजान | ओक्साडायजान सभी प्रकार के खरपतवार को नियंत्रण करता है | | इस दवाई का छिड़काव आवश्यकता के नुसार किसी भी समय छिड़काव किया सकता जा सकता है | |
| प्रेटीलाक्लोर | प्रेटीलाक्लोर को भी सभी प्रकार के खरपतवार जैसे मोथा और चौड़ी पतियों वाले अदि खरपतवार को नष्ट करने के लिए इसको उपयोग में लाया जा सकता है | | इस दवाई का आवश्यकता के नुसार किसी भी समय छिड़काव किया जा सकता है | |
| एनीलोफास | सभी प्रकार के खरपतवार को नियंत्रण | आवश्यकता मात्रा अनुसार स्प्रे से छिड़काव करें। |
| क्लोरीभ्यूरान + मेट्सल्फयुरान | यह पतियों वाले और मोथा खरपतवार को नियंत्रण व नष्ट के इसको उपयोग किया जा सकता है | | इन दोनों को अच्छी तरह से मिलाएं और फिर स्प्रे से छिड़काव करें। |
| 2,4 डी | 2,4 डी चौड़ी पतियों वाले खरपतवार का नियंत्रण व नष्ट करता है | | 2,4 डी का छिड़काव लगभग एक महीने के बाद बुआई या रूपाइ बाद में करे । |
| ब्यूटाक्लोर | यह घास के प्रजातियों नियंत्रण व नष्ट करता है | | बुआई या रूपाइ के तीन दिन बाद इसका छिड़काव करें। |
| बैंथीयोकार्ब | यह घास के प्रजातियों नियंत्रण व नष्ट करता है | | किसी भी समय जब फसल में खरपतवार की मात्रा अधिक हो, उस समय छिड़काव किया जा सकता है। |
| फेनाक्जाप्राप इथाइल | खरपतवार को नियंत्रण व नष्ट करता है | | करीब 20 दिनों बाद, इसे बुआई के बाद इसका छिड़काव किया जा सकता है। |
| पेंटीमैथलिन | खरपतवार को नियंत्रण व नष्ट करता है | | - |
| ऑक्सीफ्लोरफेन | खरपतवार को नियंत्रण व नष्ट करता है | | इस आप आवश्यकता के अनुरूप समय पर छिड़काव करें। |
| फ्लूक्लोरोलिन | बुवाई से पहले छिड़ककर भूमि में मिला दें। जिसे खरपतवार को नियंत्रण व नष्ट हो सके | 500-600 लीटर पानी में आवश्यक मात्रा को घोल बनाने के बाद, हर हेक्टेयर के लिए समान रूप से छिड़काव किया जाना चाहिए। छिड़काव के लिए, नैपसैक स्प्रेयर और फ्लैट फेन नोजल का प्रयोग करें। |
सोयाबीन खरपतवार नाशक दवाइयों के नाम
| सोयाबीन खरपतवार नाशक दवा के नाम | खरपतवार नाशक प्रयोग का समय | कौन से खरपतवार नियंत्रण करता है |
|---|---|---|
| फ्लूक्लोरोलिन (बासालिन) | बुवाई करने के पहले खेत में छिड़ककर कर दें। | चौड़ी पत्तियों और सकड़ी पत्तियों वाले खरपतवारों को बढने से रोकने के लिए अच्छे ये खरपतवार जो चौड़ी पत्तियों और सकड़ी पत्तियों वालें होते हैं, उन्हें आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है |
| फ्लूक्लोरोलिन (बासालिन) | बुवाई करने के पहले खेत में छिड़ककर कर दें। | चौड़ी पत्तियों और सकड़ी पत्तियों वाले खरपतवारों को बढने से रोकने के लिए अच्छे ये खरपतवार जो चौड़ी पत्तियों और सकड़ी पत्तियों वालें होते हैं, उन्हें आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है |
| फेनाक्जाप्राप (व्हिप सुपर 10 ई.सी.) | बुवाई से 20-25 दिन बाद इसे डाले | वार्षिक घासकुल के खरपतवारों का प्रभावी नियंत्रण, लेकिन अन्य खरपतवारों पर बहुत कम असर करता है। |
| पेंडीमेंथलिन (स्टाम्प) | बुवाई के बाद लेखिन फसल अंकुरण से पहले । | यह: सकरी पत्ती वाले खरपतवारों एवं कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के नियंत्रण में प्रभावी है। |
| क्लोरीम्यूरॉन (क्लोवेन 25 डब्लू.पी.) | इस बुवाई करने के बाद 15-20 दिन प्रयोग लाया जा सकता है | मुख्यरूप से चौड़ी पत्ती वाले एवं कुछ घासकुल और मोथाकुल के खरपतवारों के नियंत्रण में प्रभावी है। |
| क्यूजालोफाप इथाईल (टरगासुपर 10 ई.सी.) | बुवाई करने के बाद 15-20 दिन प्रयोग लाया जा सकता है | घासकुल के खरपतवारों के को कम करने के लिए |
| एलाक्लोर (लासो) | - | यह केवल सकरी पत्तीयो वाले खरपतवारों के नियंत्रण करने के लिए कापी अच्छा होता है । |
| इमेजेथापायर (परस्यूट 10 एस.एल. अथवा लगाम) | इस बुवाई करने के बाद 15-20 दिन प्रयोग लाया जा सकता है | चौड़ी पत्ती वाले एवं कुछ घासकुल के खरपतवारों को नियंत्रण करने के लिए कापी अच्छा होता है । |
खरीफ फसलों में उगने वाले खरपतवार नाशक दवाइयों के नाम
| फसलें | खरपतवार नाशक दवाइयों के नाम | खरपतवार नाशक प्रयोग का समय |
|---|---|---|
| सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल, रामतिल मूंगफली आदि ) | फ्लूक्लोरेलिन (बासालिन) | बुवाई के पहले छिड़ककर भूमि में अच्छी तरह मिला दें। |
| सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल, रामतिल मूंगफली आदि | इमैजेथापायर (परस्यूट) | सोयाबीन की फसल में 2025 दिन पर छिड़काव करें। |
| सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल, रामतिल मूंगफली आदि | पेंडीमिथलिन (स्टाम्प) | वार्षिक घासकुल बुवाई के बाद परन्तु अंकुरण से पूर्व।के खरपतवारों का प्रभावी नियंत्रण, लेकिन अन्य खरपतवारों पर बहुत कम असर करता है। |
खरपतवार को आवश्यक मात्रा को 600 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर में समान रूप से छिड़काव करें।
छिड़काव करने के लिए नैपशैक स्प्रेयर के साथ फ़्लैट फैन नोजल का प्रयोग करें।
रबी फसलों में उगने वाले प्रमुख खरपतवार | गेहूं में खरपतवार नाशक दवाई कौन सी है?
| फसलें | खरपतवार नाशक दवाइयों के नाम | खरपतवार नाशक प्रयोग का समय |
|---|---|---|
| सरसों, तोंरिया एवं अलसी | एलाक्लोर (लासो) | बुवाई के पहले छिड़ककर भूमि में अच्छी तरह मिला दें। |
| गेहूं | पफ्लूक्लोरेलिन (बासालिन) | बुवाई के बाद परन्तु फसल के अंकुरण से पहले। |
| सरसों, तोंरिया एवं अलसी | आइसोप्रोटुरान (एरीलान, धानुलान) | बुवाई के बाद परन्तु फसल के अंकुरण से पहले। |
खरपतवार नाशक दावाई को आवश्यक मात्रा को 600 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर की दर से बराबर रूप से छिड़काव करें।
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खरपतवार नाशक दवाइयों के उपयोग करते समय सावधानिया
- प्रत्येक खरपतवार नाशक दावाई के डिब्बों पर लिखे निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और उपयोग से पहले साथ में दिए गए पत्रक पर भी ध्यान दें और दिए गए तरीकों का ठीक से पालन करें।
- खरपतवार नाशक दावाई का छिड़काव पूरे खेत में समान रूप से करना चाहिए।
- खरपतवार नाशक दावाई को सही मात्रा में तथा सही समय पर छिड़कना चाहिए।
- बुवाई से पहले या बुवाई के तुरन्त बाद प्रयोग किए जाने वाले खरपतवार नाशक को प्रयोग करते समय भूमि में पर्याप्त नमी होना चाहिए।
- खरपतवार नाशक दावाई का छिड़काव शांत हवा तथा साफ़ मौसम में करना चाहिए।
- छिड़काव करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि रसायन शरीर पर न पड़े। इसके लिए मास्क , दस्ताने तथा चश्में का उपयोग करना चाहिए।
- छिड़काव का कार्य समाप्त होने के बाद हाथ, मुंह साबुन से अच्छी तरह धो लेना चाहिए और स्नान भी कर ले इसे दावाई यो प्रभाव आपके शरीर पर न हो
खरपतवार नाशक दवाइयों के फायदे
- कीटनाशकों के प्रयोग से खेत में खरपतवार की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाती है।
- यदि आप खेत से प्रत्येक खरपतवार को मैन्युअल रूप से उखाड़ते हैं, तो इसमें बहुत समय लगेगा, लेकिन खरपतवार नाशक का उपयोग करने से कम समय लगता है
- कीटनाशकों का प्रयोग सही मात्रा में, उचित तरीके से तथा उचित समय पर करने से खेत में अपना प्रभाव दिखाई देता है।
- यह फसल के नुकसान को रोकने और किसानों की लागत कम करने, उनकी आय बढ़ाने में मदद कर सकता है।
- कीटनाशक बड़े खेतों वाले किसानों के लिए अधिक कुशल साबित होते हैं, क्योंकि श्रम के माध्यम से खरपतवार नियंत्रण का प्रबंधन करना कठिन होता है
10 खरपतवार नाशक दवाइयों के व्यापारिक नाम
| खरपतवार नाशक दवाइयों के नाम | खरपतवार नाशक दवाइयों के व्यापारिक नाम |
|---|---|
| एलाक्लोर | लासो |
| 2,4-डी(D) | वीडमार, वीडकिल, नॉकवीड, ताफासाइड, एर्बीटॉक्स, कॉम्बी, एग्रडोन-48 |
| अट्राजीन | अट्राटाफ, धनुजाइन, सोलारो सूर्या |
| ऑक्साडायर्जिल | रफ्ट, टॉपस्टार |
| एनीलोफास | एनीलोगार्ड, एरोजिन, एनीलोधन |
| क्लोडिनाफॉप | टोपिक, झटका, पाइन्ट |
| क्लोमाजोन | कमान्ड |
| बिसबाइरीबैक सोडियम | नॉमिनी गोल्ड |
| "बेनसल्फ्यूरॉन + प्रेटिलाक्लोर " | "लोन्डैक्स पावन, इरेज स्ट्राँग " |
| "साइहेलोफाप ब्यूटाइल " | "क्लिन्चर, रैप–अप " |
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खरपतवार नाशकों के नुकसान
पर्यावरण प्रभाव: खरपतवार नाशक के अधिक उपयोग से पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इनमें से कुछ रसायनिक तत्व अधिक मात्रा में प्रयोग किए जाने पर पृथ्वी के जल व हवा को प्रदूषित कर सकते हैं।जीवनीय विविधता का क्षति: कुछ खरपतवार नाशक कीटाणुओं के साथ संक्रमण रोकने के लिए प्रयोग किए जाते हैं जो कीटनाशकों के लिए जानवरों और पक्षियों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। इससे जीवनीय विविधता पर असर पड़ सकता है।
ज्यादा खर्च: कुछ खरपतवार नाशक उत्पाद उच्च कीमत पर बिकते हैं, जिससे उनका उपयोग किसानों के लिए महंगा हो सकता है। छोटे किसान इन्हें खरीदने में असमर्थ हो सकते हैं, जो उनके लिए एक बड़ी समस्या हो सकती है।
खरपतवार नाशक का उपयोग करने के तरीके
सही दोसागे का चयन: खरपतवार नाशक के उपयोग से पहले, किसानों को सही दोसागे का चयन करना चाहिए। विभिन्न फसलों और संक्रमणों के लिए विशेषज्ञता रखने वाले खरपतवार नाशकों का उपयोग करना उत्तम परिणाम देता है।सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग: खरपतवार नाशक का उपयोग करते समय सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। केवल पर्यावरण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर खरपतवार नाशक का उपयोग करना चाहिए।
FAQS (पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. खरपतवार नाशक क्या है?2. खरपतवार नाशक के उपयोग के फायदे क्या हैं?
उत्पादकता में वृद्धि
फसलों के विकास को बढ़ावा
3. खरपतवार नाशक के नुकसान क्या हैं?
जीवनीय विविधता का क्षति
ज्यादा खर्च
4. खरपतवार नाशक का उपयोग करने के तरीके क्या हैं?

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